संघ और उसके राज्य क्षेत्र (अनुच्छेद 1 से 4)
संघ :- संघ के प्रकार
यूनियन(UNION):- राज्य देश अलग नहीं हो सकता (जैसे :- भारत में, ब्रिटेन में)
फेडरल(FEDERAL):- राज्य देश से अलग हो सकता है (जैसे अमेरिका, कनाडा में)
संघ और उसके राज्य क्षेत्र:- इसका वर्णन संविधान के भाग 1 में आता हैं।
अनुच्छेद :- 1 से 4 तक
अनुच्छेद-1:- एक भारत राज्यों का संघ हैं
अनुच्छेद 2 :- संघ में नए राज्यों का प्रवेश या नए राज्यों की स्थापना जब किसी भारी क्षेत्र को भारत क्षेत्र में मिलाया जाएगा तब नए राज्य की स्थापना होगी।
उदाहरण:- सिक्किम 35 वां संविधान संशोधन अधिनियम 1974 द्वारा एक अनुच्छेद को जोड़ा गया था :- अनुच्छेद 2A इसने सिक्किम को सहराज्य का दर्जा दिया।
36 वां संविधान संशोधन अधिनियम 1975 में करना पड़ा इसके द्वारा अनुच्छेद 2A को समाप्त कर दिया गया और इसी के द्वारा सिक्किम को राज्य का दर्जा दिया गया।
अनुच्छेद -3 :- नए राज्य की स्थापना भारतीय संघ से ही नए राज्य बनाए जाएंगे ।
राज्यों के नाम बदलना जैसे उड़ीसा को ओडिसा कर दिया।
राज्यों की सीमा में कमी यां वृद्धि करना।
अनुच्छेद -4 :- अनुच्छेद 2 व अनुच्छेद 3 में बनाए गए कानून अनुच्छेद 4 के तहत संविधान संशोधन नहीं माने जाएंगे।
क्यों नहीं माने जाएंगे:- संविधान संशोधन अनुच्छेद 368 में होता है न कि अनुच्छेद 4 में
Note :- अनुच्छेद -1, 2, 3, 4 राष्ट्रपति की पूर्व स्वीकृति से विधेयक संसद में पेश किए जाएंगे । यह साधारण बहुमत से पास होंगे
Question :- क्या सांसद भारतीय भूभाग को किसी भी अन्य देश को अनुच्छेद 3 के तहत सौंप सकती है
Ans :- सुप्रीम कोर्ट ने कहा संसद अनुच्छेद तीन के तहत नहीं कर सकती इसके लिए संविधान संशोधन करना पड़ेगा।
वेरूवाड़ी बनाम भारत संघ 9वां संविधान संशोधन 1960 के द्वारा निर्वाचित क्षेत्र पाकिस्तान को सौंप दिया गया था
शोभा संविधान संशोधन अधिनियम 2015 के द्वारा भारत में 111 क्षेत्र बांग्लादेश को दिए बदले में बांग्लादेश ने भारत को मात्र 51 क्षेत्र दिए।
इस समय भारत के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी थे।
भाषा के आधार पर राज्यों की मांग
पोट्टी श्री रामुलू जी 56 दिन भूख हड़ताल पर रहे
भूख हड़ताल पर रहने के कारण 15 दिसंबर 1952 ई को उनकी मृत्यु हो गई ।
भाषा के आधार पर पहला राज्य आंध्र प्रदेश बना :- 1 अक्टूबर 1953 में,
लेकिन इसका पुनर्गठन किया गया :- 1 नवंबर 1956 को ।
इसलिए आंध्र प्रदेश का स्थापना दिवस 1 नवंबर है।
धर आयोग :- धर आयोग जॉन 1948 में बना
इसके अध्यक्ष S.K.धर थे।
इन्होंने अपनी रिपोर्ट दिसंबर 1948 को पेश की थी
और इन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा :- कि राज्यों का पुनर्गठन भाषा के आधार पर ना हो राज्यों को पुनर्गठन भौगोलिक स्थिति के आधार पर हो
धर आयोग के सिफारिश:- राज्यों का गठन भाषा के आधार पर ना हो राज्यों का गठन भौगोलिक क्षेत्र के आधार पर हो।
राज्य को वित्तीय स्थिति के आधार पर बनाया जाए।
JVP कमेटी:- इसका गठन 1948 में हुआ
पटाभि सितार मैया
वल्लभभाई पटेल
जवाहरलाल नेहरू
इन तीनों ने मिलकर अप्रैल 1949 में अपनी रिपोर्ट पेश की थी।
उनकी सिफारिश राज्यों को कठिन भाषा के आधार पर ना हो ।
राज्यों का गठन भौगोलिक क्षेत्र के आधार पर हो।
राज्यों को वित्तीय स्थिति के आधार पर बनाया जाए।
राज्य पुनर्गठन आयोग :- इसका गठन 1953 में हुआ।
इसे डॉ फजल अली आयोग भी कहा जाता है
इसके अध्यक्ष डॉ फजल अली थे
2 अन्य सदस्य और थे :- 1. K.M पैणिक्कर
2.हृदयनाथ कुजरू
इन्होंने अपनी रिपोर्ट 1955 में दी, इन्हीं की 1955 की रिपोर्ट के आधार पर एक अधिनियम बना।
राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 में आया ।
इनकी सिफारिश :- 16 राज्य तीन केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाए
लेकिन 14 राज्य 6 केंद्र शासित प्रदेश बनाए गए।
1953 में आंध्र प्रदेश बना इसका गठन 1 नवंबर 1956 को हुआ।
1960 में मुंबई प्रेसिडेंसी को दो भागों में बांटा गया :- महाराष्ट्र, गुजरात
1960 में नागालैंड बना (13वां संविधान संशोधन के तहत )
1966 में पंजाब और हरियाणा बने ।
1971 में हिमाचल प्रदेश
1972 में मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा,बने।
1975 में सिक्किम
1987 में अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, गोवा बने।
1 नवंबर 2000 में छत्तीसगढ़ बना (मध्य प्रदेश से अलग करके बनाया गया)
9 नवंबर 2000 में उत्तराखंड बना (यह उत्तर प्रदेश से अलग करके बनाया गया )
15 नवंबर 2000 में झारखंड बना( यह बिहार से अलग करके बनाया गया)
2 जून 2014 में तेलंगाना बना (आंध्र प्रदेश से अलग करके बनाया गया)
31 अक्टूबर 2019 में जम्मू एंड कश्मीर, लद्दाख को राज्य का दर्जा समाप्त कर केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया।
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